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‘टॉयलेट: एक प्रेमकथा’ छा गए अक्षय कुमार

अक्षय कुमार की फिल्म ‘टॉयलेट: एक प्रेमकथा’ का सभी को इंतजार था जो आज खत्म हो गया। फिल्म में अक्षय के साथ भूमि पेडनेकर, अनुपम खेर और दिव्येंदु शर्मा मुख्य भूमिका में हैं। यह फिल्म प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वच्छ भारत अभियान’ से प्रेरित है, जो देश में महिलाओं के लिए टॉयलेट जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी की ओर इशारा करती है। फिल्म का निर्देशन श्रीनारायण सिंह ने किया है।

फिल्म में कॉमेडी, इमोशंस और रोमांस तीनों का मजेदार तड़का है। फिल्म का डायरेक्शन अच्छा है। कहानी में गांव की लोकशंस काफी रियल है। यह कहना गलत नही होगा कि फिल्म का डायरेक्शन, स्क्रीनप्ले, कैमरा वर्क सबकुच अच्छा है।

फिल्म में अक्षय का काम मुंह से बोल रहा है, उनकी डॉयलॉग डिलीवरी बहुत अच्छी है। वहीं भूमि का काम भी बहुत अच्छा है। बाकी स्टार्स का काम भी काबिले तारिफ है।

कहानी
वैसे तो फिल्म की कहानी काफी सिंपल है, जो ट्रेलर देखकर ही पता चल रही है। लेकिन फिल्म को जिस तरह फिल्माया गया है वो काबिले तारिफ है। गांव में रहने वाले केशव (अक्षय कुमार) और जया (भूमि पेडनेकर) की है। कहानी की शुरुआत अक्षय से होती है जो मांगलिक होता है। इसी वजह से उसकी शादी पहले भैंस से कराई जाती है यहीं उसकी मुलाकात जया से होती है। पहली की नजर में केशव को जया के प्यार हो जाता है और दोनों की कहानी आगे बढ़ती है। इस बीच कई मजेदार ट्वीस्ट भी आते हैं।

लेकिन जब दोनों की शादी हो जाती है और जया, केशव के घर आ जाती है, तो उसे पता चलता है कि उसके घर में टॉयलेट नहीं है। जया इस बात से बहुत परेशान होती है। वही केशव टॉयलेट न होने की वजह से अपनी पत्नी जया को कभी दूसरों के घर तो कभी ट्रेन में लेकर जाता है। एक दिन जया इन सब बातो से परेशान हो जाती है और केशव का घर छोड़कर चली जाती है। जया केशव से कहती है कि अब वह तभी वापस आएगी जब घर में टॉयलेट होगा। अब ये देखना बड़ा दिलचस्प होगा कि केशव के घर में टॉयलेट बनेगा या नही। जिसके लिए आपको सिनेमाघर जाना पड़ेगा।

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