जागो जैनी जागो, एकता बिगुल बजा दो

अनादि निधन सम्मेद शिखर जी पर हम लड़े क्यों ? यह हम सबका शाश्वत तीर्थ है। करोड़ों रुपये अब तक हम दोनों जैन सम्प्रदाय मुकदमेबाजी में बहा चुके हैं। इतनी राशि से अगर इस शाश्वत तीर्थ का विकास व सौन्दर्यीकरण कर इसे विश्व मानचित्र सर्वधर्मोपरि तीर्थ के रूप में जगमगा  दिया होता। आज अपने धर्म की एकता के लिए इस क्लिप को सुनिये सुनिये जरूर, वर्ना इतिहास पुन: दोहरायेगा और यह तीर्थ भी आपसी लड़ाई में हाथ से निकल जायेगा।
अगर आप चाहते हैं कि हमें लड़ना नहीं चाहिए तो कमेन्ट्स में Yes (हां) अवश्य लिखें, और आप चाहते हैं कि लड़ना ही चाहिए तो No (नहीं) लिखे। अपने विचार जरूर दें, अपने जैन धर्म के हित में -धन्यवाद

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